मुसीबतों पर जीत की ध्वजा फहराओ
केहते हैं कयामते कभी केह कर नही आती। कोई जिन्दगी कभी माैत नही चाहती। मुसीबतो से हार कर जो माैत को लगाते हैं गले। उनकी छवियां महामानव तो क्या कभी मानव होने का स्वरूप भी नहीं दर्शाती॥
"मेरा काव्य सफर" यह मेरी अपनी कविताओं का संग्रह है जो कि इस ब्लाॅग के माध्यम से जनसाधारण तक भेज रहा हूँ। यदि इस ब्लाॅग में कोई अन्य कवि या लेखक का लेख या कविता पोस्ट कि जाएगी तो उस कवि या लेखक का नाम अवश्य दर्शाया जायेगा। Ashwin ganesh goyal