Posts

Showing posts with the label nari shakti par kavita

नारियों का प्रतिशोध

नारियो का प्रतिशोध बिना जिसके श्रष्टि अधूरी वो शक्ति तुम्हारी है स्वार्थ निपुर्ण करता है जमाना वो भक्ति तुम्हारी है है तुझसे ही जीवन सबका दुनिया मानती है आज दुजा है दर्जा तेरा दुनिया ये भी तो जानती है आज है जो खाली घट सम्मान का आज तुम्हे ही भरना है मेरे हिन्द की रानियों तुम्हे आगे ही आगे बढ़ना है॥ सहमे से नम आचरण ले गले न कभी लगना है अपनी ताकत पर भरोसा आज तुम्ही को करना है लड़ लड़ाई पुरुषो के संग कदम से कदम चलना है मुकम्मल इस जिंदगी में अब नहीं डरना है मेरे हिन्द की रानियों तुम्हे आगे ही आगे बढ़ना है ये वही वतन है जिसमे नारी शिक्षिका, खोजकर्ता हुई ये वही वतन है नारी जिसमे योद्धा भी हुई न पिछड़ इस युग तू अपने अधिकारों से न बन कमजोर तू अशिक्षा के इन विकारो से वादा तुझको स्वउत्थान हेतु खुद से अब करना है मेरे हिन्द की रानियों तुम्हे आगे ही आगे बढ़ना है पड़ लिख कर समेत ले अब अपने अधिकारों को घट भर ले सम्मान का और दे टक्कर इन पुरुषो को नारी पुरुष लगे समान ऐसा रंगमंच खड़ा करना है ताकत देख तुम्हारी दुष्टो को तो सूली पर चढ़ना है...