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Showing posts from 2016

शायरी...

उम्मीदों से भर दीपक इश्क का जला बैठे हम प्यार की लहर में दिल अपना बहा बैठे हम कुछ-कुछ छोड़ सब कुछ अपना तुझ पर निसार बैठे हम तेरी यादों के बल पर जीता था अब तक याद कर - कर उन यादों को जला बैठे हम॥

डाॅ. अम्बेडकर का दर्द (kavita on Dr. Bhimrao Ambedkar)

बाबा साहब   डाॅ.   भिमराव अम्बेडकर पर कविता बाबा साहब का दर्द... लिखने की इच्छा न थी स्वार्थी कायर इस समाज पर लिखने को मजबूर हुआ मै तो बाबा साहब की नाखुश आवाज पर मै समाज की तारीफ में कोई गुणगान नहीं करूंगा समाज के दुश्मनों का मरते दम सम्मान नहीं करूंगा शर्मिंदगी है मुझको और होगी तुमको भी उन बातो की जो अब तक परिभाषा भी न समझ पाये बाबा के संवादों की। क्या लिखूँ मै अपनी इस पिछड़ती हुई कौम पर है पिघलने को जो तत्पर जा बैठी है उस मोम पर वैसे तो हो आजाद देश में ,पर तुम्हारा कोई वजूद नहीं सोये हो सब के सब पर मान पाने कि सूद नहीं आज़ादी के वर्षो बाद भी सम्मान पाने कि सूद नहीं। क्या इसी लिए बाबा साहब ने आज़ादी का मतलब समझाया था क्या इसी लिए उन्होने तुमको गुलामी से लड़ना सिखलाया था क्या इसी लिए बाबा साहब ने तुमको ताकत दिलवाई थी क्या इसी लिए बाबा ने तुमसे कसमें खिलवाई थी अरे बाबा साहब के परम सपने को ऎसे ना नकेरो तुम और उनकी बनाई कौम को इस तरह ना बिखेरो तुम बाबा साहब की जीवन कहानी तुम भूल गये उनकी संघर्षमय वो ज़वानी तुम भूल ग...

Kavita on Teachers Day!

शिक्षक दिवस पर कविता- कर्ज है उनका  हम पर अक्षर अक्षर मार दिया जिसने वो दानव, था कभी जो निरक्षर बना जिससे, कोई अल्पज्ञ तो कोई सर्वज्ञ पर छांया में इनकी रहा न कोई अज्ञ॥ अज है जिनका पद, महानता है जिनकी अगम्य गर है इनका आशीश, होती न कोई मंजिल दुर्गम्य कागज़ पे नहीं उभरेगा, अनिर्वचनीय है इनका स्वभाव अलौकिक कहो या कहो ईश्वर, है इनमें तो हरइक भाव असंख्य शब्द न कर सके वर्णन, ऎसी है अद्भूत इनकी छवि मिलता है जिनसे ज्ञान का प्रकाश, केह दो भले ही उन्हें ज्ञान-रवि कहे कोई शिक्षक या कहे गुरू, किन्तु इनका धर्म एक है सत्-सत् प्रणाम करता हूँ उन्हें, जिनके परिणाम अनेक है॥ शिक्षको (गुरूओ) के सम्मान में कविता...लेखक: अश्विन गोयल

अपने अनुभव आप के लिये॥

सुविचार            Ashwin Goyal thoughts 1. शौक सफलता का दुसरा नाम हैं॥ Hobby is another name for success. 2. अक्सर बंदीशे इंसान के शौक को मार देती हैं, और जिसके जीवन में शौक नहीं हैं  वह  दुनियां का सबसे पराजित व्यक्ति होता हैं॥ 3. गलतियाँ सदैव याद रखने के लिए होती हैं, हरवक्त याद करने के लिए नहीं, क्योंकि उनको हरवक्त याद करना खूद को बहुत कमजोर करने की पहल हैं॥ 4. किसी कि सफलता या असफलता का आंकलन उसकी वर्तमान स्थिति को देखकर मत करो, क्योंकि स्थितियां कभी स्थिर नहीं होती हैं॥ 5. लक्ष्य अनुकूल माहौल ही आपको  आपकी  मंजिल तक लेकर जाता हैं॥ ✍🏻You needs a targetable atmosphere to get any target.

संविधान हमारी शान

ना चेहरों पर साज होती, ना सिंहों जैसी गाज होती, ना गली में नाच होता, ना ही चबूतरो पर गान होता, बना लिये जाते फिर से गुलाम अगर लिखा न गया भारत का संविधान होता॥