शायरी...
उम्मीदों से भर दीपक इश्क का जला बैठे हम प्यार की लहर में दिल अपना बहा बैठे हम कुछ-कुछ छोड़ सब कुछ अपना तुझ पर निसार बैठे हम तेरी यादों के बल पर जीता था अब तक याद कर - कर उन यादों को जला बैठे हम॥
"मेरा काव्य सफर" यह मेरी अपनी कविताओं का संग्रह है जो कि इस ब्लाॅग के माध्यम से जनसाधारण तक भेज रहा हूँ। यदि इस ब्लाॅग में कोई अन्य कवि या लेखक का लेख या कविता पोस्ट कि जाएगी तो उस कवि या लेखक का नाम अवश्य दर्शाया जायेगा। Ashwin ganesh goyal