जुदाई की दास्तान
शायरी... इस कदर दर्द दिया उसने जुदाई का। किसी को अल्प अल्फ़ाज भी ना दे सका मैं अपनी तन्हाई का। मजबूरीयों में सही लेकिन राह तो उसे मिल ही गई। लेकिन मुझे क्या सिला मिला अपनी बेइंतेहा इस खुद्दाई का॥
"मेरा काव्य सफर" यह मेरी अपनी कविताओं का संग्रह है जो कि इस ब्लाॅग के माध्यम से जनसाधारण तक भेज रहा हूँ। यदि इस ब्लाॅग में कोई अन्य कवि या लेखक का लेख या कविता पोस्ट कि जाएगी तो उस कवि या लेखक का नाम अवश्य दर्शाया जायेगा। Ashwin ganesh goyal