पाकिस्तान

पाकिस्तान के संदर्भ में मैं ज्यादा कुछ तो नहीं केह सकता किन्तु एक बालक के माफिक अपना घुस्सा कुछ पंक्तियों के माध्यम से प्रकट कर रहा हूँ। 


छल से वार किया है तुने
तु वीर क्या केहलाएगा
इतिहासिक पन्नों में सिर्फ
इक धब्बा बनकर रह जायेगा
अब ना कर तु नाकाम पहल
वरना तु हिन्दुस्तान का शिकार 
बनकर रह जायेगा ।

अरे गलती हमारी थी.......२
तुने लोहा आजाद से लिया
खड़ा हमने गाँधी को किया
पर मत भूल तु...
जिस दिन जवाब आजाद देगा
तु उसी दिन हिन्दुस्तान के तलवे
चाट लेगा ॥

सुन ले पापी पाक...
उम्मीद है जिसकी तझे
तु कभी पा ना सकेगा
सीमा लांग हिन्दुस्तान कभी
आ ना सकेगा
मत डाल हाथ पापी
सांप ले बील में तु

ऎसा प्रहार करेगा.........२
की तु अपना राष्ट्रगीत भी
खुलकर गा ना सकेगा
अपना परचम भी
खुलकर लहरा ना सकेगा ॥

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