गहरी प्यारी यादें

शायरी...

मैं अपनी यारी को इस कदर याद करता हूँ।

की मैं अपनी तक़दीर से भी बात करता हूँ।

और केहता हूँ की वो मुझे भुलना लाख चाहे 

लेकिन भुला ना सकेगी।

क्यूंकि उसे पता है मैं आज भी बांहें फैलाकर 

उसका इंतजार करता हूँ॥

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