बर्फीली बारिश में प्यार कि पुकार

ये हिम बनकर तेरी यादें बरस रहीं हैं।

देख मेरी आँखो की नमी तेरे दीदार को तरस रहीं हैं।

मेरी मोहब्बत की आवाज को यूं अनसूना ना कर तु।

वरना फिर कहेगी दुनियां पाने को मोहब्बत फिर एक मीरा तड़प रहीं हैं॥

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