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Aap IAS kaise banenge? / आप आई.ए.एस. कैसे बनेंगे?

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Do watan ko aaj ye ek wachan satthiyo lyrics Corona song lyrics

Do watan ko aaj ye ek wachan sathiyon_corona song lyrics_  https://youtu.be/gVF73-ZqWNk दो वतन को आज ये इक वचन साथियों हम लड़ेंगे सभी हर दम साथियों.....(×2) आह निकले कहीं दर्द होगा कहीं  रोक लेंगे कदम हम वचन सब लिए  ग़र मर भी गए तो वतन के लिए  सोच लेंगे वतन को ना मरने दिया लड़ें बिना मरेंगे ना हम साथियों  हम लड़ेंगे सभी हर दम साथियों दो वतन को आज ये इक वचन साथियों  हम लड़ेंगे सभी हर दम साथियों..... (×2) निमाड़ कैम्ब्रिज स्कूल की ये हैं डगर लड़ना हमको भी हैं दुनिया को ही नहीं  देश के नियमों का हम सब पालन करे  महामारी जगह देख आती नहीं  लगा लो लिख कर तालों पर वतन साथियों  हम लड़ेंगे सभी हर दम साथियों  दो वतन को आज ये इक वचन साथियों हम लड़ेंगे सभी हर दम साथियों..... (×2) देश की मेहनत यूँ ना बेकार हो  रोक लो काम सब जान ग़र ये मिले  जीत गये आज ग़र जश्न ही बाद हैं  मौत बाहर खड़ी हैं मिलने को गले  चाहते हो बने हम विश्वगुरु साथियों  हम लड़ेंगे सभी हर द...

Ashwin Goyal photos

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शायरी...

उम्मीदों से भर दीपक इश्क का जला बैठे हम प्यार की लहर में दिल अपना बहा बैठे हम कुछ-कुछ छोड़ सब कुछ अपना तुझ पर निसार बैठे हम तेरी यादों के बल पर जीता था अब तक याद कर - कर उन यादों को जला बैठे हम॥

डाॅ. अम्बेडकर का दर्द (kavita on Dr. Bhimrao Ambedkar)

बाबा साहब   डाॅ.   भिमराव अम्बेडकर पर कविता बाबा साहब का दर्द... लिखने की इच्छा न थी स्वार्थी कायर इस समाज पर लिखने को मजबूर हुआ मै तो बाबा साहब की नाखुश आवाज पर मै समाज की तारीफ में कोई गुणगान नहीं करूंगा समाज के दुश्मनों का मरते दम सम्मान नहीं करूंगा शर्मिंदगी है मुझको और होगी तुमको भी उन बातो की जो अब तक परिभाषा भी न समझ पाये बाबा के संवादों की। क्या लिखूँ मै अपनी इस पिछड़ती हुई कौम पर है पिघलने को जो तत्पर जा बैठी है उस मोम पर वैसे तो हो आजाद देश में ,पर तुम्हारा कोई वजूद नहीं सोये हो सब के सब पर मान पाने कि सूद नहीं आज़ादी के वर्षो बाद भी सम्मान पाने कि सूद नहीं। क्या इसी लिए बाबा साहब ने आज़ादी का मतलब समझाया था क्या इसी लिए उन्होने तुमको गुलामी से लड़ना सिखलाया था क्या इसी लिए बाबा साहब ने तुमको ताकत दिलवाई थी क्या इसी लिए बाबा ने तुमसे कसमें खिलवाई थी अरे बाबा साहब के परम सपने को ऎसे ना नकेरो तुम और उनकी बनाई कौम को इस तरह ना बिखेरो तुम बाबा साहब की जीवन कहानी तुम भूल गये उनकी संघर्षमय वो ज़वानी तुम भूल ग...

Kavita on Teachers Day!

शिक्षक दिवस पर कविता- कर्ज है उनका  हम पर अक्षर अक्षर मार दिया जिसने वो दानव, था कभी जो निरक्षर बना जिससे, कोई अल्पज्ञ तो कोई सर्वज्ञ पर छांया में इनकी रहा न कोई अज्ञ॥ अज है जिनका पद, महानता है जिनकी अगम्य गर है इनका आशीश, होती न कोई मंजिल दुर्गम्य कागज़ पे नहीं उभरेगा, अनिर्वचनीय है इनका स्वभाव अलौकिक कहो या कहो ईश्वर, है इनमें तो हरइक भाव असंख्य शब्द न कर सके वर्णन, ऎसी है अद्भूत इनकी छवि मिलता है जिनसे ज्ञान का प्रकाश, केह दो भले ही उन्हें ज्ञान-रवि कहे कोई शिक्षक या कहे गुरू, किन्तु इनका धर्म एक है सत्-सत् प्रणाम करता हूँ उन्हें, जिनके परिणाम अनेक है॥ शिक्षको (गुरूओ) के सम्मान में कविता...लेखक: अश्विन गोयल

अपने अनुभव आप के लिये॥

सुविचार            Ashwin Goyal thoughts 1. शौक सफलता का दुसरा नाम हैं॥ Hobby is another name for success. 2. अक्सर बंदीशे इंसान के शौक को मार देती हैं, और जिसके जीवन में शौक नहीं हैं  वह  दुनियां का सबसे पराजित व्यक्ति होता हैं॥ 3. गलतियाँ सदैव याद रखने के लिए होती हैं, हरवक्त याद करने के लिए नहीं, क्योंकि उनको हरवक्त याद करना खूद को बहुत कमजोर करने की पहल हैं॥ 4. किसी कि सफलता या असफलता का आंकलन उसकी वर्तमान स्थिति को देखकर मत करो, क्योंकि स्थितियां कभी स्थिर नहीं होती हैं॥ 5. लक्ष्य अनुकूल माहौल ही आपको  आपकी  मंजिल तक लेकर जाता हैं॥ ✍🏻You needs a targetable atmosphere to get any target.

संविधान हमारी शान

ना चेहरों पर साज होती, ना सिंहों जैसी गाज होती, ना गली में नाच होता, ना ही चबूतरो पर गान होता, बना लिये जाते फिर से गुलाम अगर लिखा न गया भारत का संविधान होता॥

नारियों का प्रतिशोध

नारियो का प्रतिशोध बिना जिसके श्रष्टि अधूरी वो शक्ति तुम्हारी है स्वार्थ निपुर्ण करता है जमाना वो भक्ति तुम्हारी है है तुझसे ही जीवन सबका दुनिया मानती है आज दुजा है दर्जा तेरा दुनिया ये भी तो जानती है आज है जो खाली घट सम्मान का आज तुम्हे ही भरना है मेरे हिन्द की रानियों तुम्हे आगे ही आगे बढ़ना है॥ सहमे से नम आचरण ले गले न कभी लगना है अपनी ताकत पर भरोसा आज तुम्ही को करना है लड़ लड़ाई पुरुषो के संग कदम से कदम चलना है मुकम्मल इस जिंदगी में अब नहीं डरना है मेरे हिन्द की रानियों तुम्हे आगे ही आगे बढ़ना है ये वही वतन है जिसमे नारी शिक्षिका, खोजकर्ता हुई ये वही वतन है नारी जिसमे योद्धा भी हुई न पिछड़ इस युग तू अपने अधिकारों से न बन कमजोर तू अशिक्षा के इन विकारो से वादा तुझको स्वउत्थान हेतु खुद से अब करना है मेरे हिन्द की रानियों तुम्हे आगे ही आगे बढ़ना है पड़ लिख कर समेत ले अब अपने अधिकारों को घट भर ले सम्मान का और दे टक्कर इन पुरुषो को नारी पुरुष लगे समान ऐसा रंगमंच खड़ा करना है ताकत देख तुम्हारी दुष्टो को तो सूली पर चढ़ना है...

जुदाई की दास्तान

शायरी... इस कदर दर्द दिया उसने जुदाई का। किसी को अल्प अल्फ़ाज भी ना दे सका  मैं अपनी तन्हाई का। मजबूरीयों में सही लेकिन राह तो उसे मिल ही गई। लेकिन मुझे क्या सिला मिला अपनी बेइंतेहा इस खुद्दाई का॥

बर्फीली बारिश में प्यार कि पुकार

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ये हिम बनकर तेरी यादें बरस रहीं हैं। देख मेरी आँखो की नमी तेरे दीदार को तरस रहीं हैं। मेरी मोहब्बत की आवाज को यूं अनसूना ना कर तु। वरना फिर कहेगी दुनियां पाने को मोहब्बत फिर एक मीरा तड़प रहीं हैं॥

गहरी प्यारी यादें

शायरी... मैं अपनी यारी को इस कदर याद करता हूँ। की मैं अपनी तक़दीर से भी बात करता हूँ। और केहता हूँ की वो मुझे भुलना लाख चाहे  लेकिन भुला ना सकेगी। क्यूंकि उसे पता है मैं आज भी बांहें फैलाकर  उसका इंतजार करता हूँ॥

मुसीबतों पर जीत की ध्वजा फहराओ

केहते हैं कयामते कभी केह कर नही आती। कोई जिन्दगी कभी माैत नही चाहती। मुसीबतो से हार कर जो माैत को लगाते हैं गले। उनकी छवियां महामानव तो क्या कभी मानव होने का स्वरूप भी नहीं दर्शाती॥

पेटलावद के आंसू

पेटलावद की घटना पर कविता ... कलम करहाकर रो रही हैं ये दर्द लिखनें में फिर भी दर्द बंया कर रही हैं रुठे इस पन्ने में जुर्रत की हैं इस लेखक ने उस नरसंहार पर लिखने की जिसके शब्द-शब्द में आवाज है उनके अपनो के बिलखने की सोच रहा हूँ  कैसे लिखु मैं उनके अपनो के आलापो को कैसे लिखु मैं देशवासियों के उन रौद्र विलापो को हो गये थे अनाथ कई हो गये थे बेसहाय कई हर तड़पते ह्रदय दी थी दुष्ट अपराधियों को हाय कई अग्नि के इस शैलाब ने जला दिये थे उनके आंसूओं को जिनके खो गये थे अपनो में जिनके कुछ वादे कर गये थे अपनो को लिख ना सका मैं राष्ट्रहित में बने मासूमो के उन भावी सपनो को क्या हुआ, क्यूं हुआ, कैसे हुआ काैन इसके जिम्मेदार होंगे जिम्मेदारों में सत्ता पाए भूखें कुत्ते ही अब शिकार होंगे दोस्तो..... चाहे नेता, चाहे भूपति, हो प्रमुख या सल्तनत का सुल्तान हो खेल रहे है जो अवाम से उन दानवो को तुरंत फांसी पर टांग दो॥ -Kavi Ashwin Ganesh Goyal

पाकिस्तान

पाकिस्तान के संदर्भ में मैं ज्यादा कुछ तो नहीं केह सकता किन्तु एक बालक के माफिक अपना घुस्सा कुछ पंक्तियों के माध्यम से प्रकट कर रहा हूँ।  छल से वार किया है तुने तु वीर क्या केहलाएगा इतिहासिक पन्नों में सिर्फ इक धब्बा बनकर रह जायेगा अब ना कर तु नाकाम पहल वरना तु हिन्दुस्तान का शिकार  बनकर रह जायेगा । अरे गलती हमारी थी.......२ तुने लोहा आजाद से लिया खड़ा हमने गाँधी को किया पर मत भूल तु... जिस दिन जवाब आजाद देगा तु उसी दिन हिन्दुस्तान के तलवे चाट लेगा ॥ सुन ले पापी पाक... उम्मीद है जिसकी तझे तु कभी पा ना सकेगा सीमा लांग हिन्दुस्तान कभी आ ना सकेगा मत डाल हाथ पापी सांप ले बील में तु ऎसा प्रहार करेगा.........२ की तु अपना राष्ट्रगीत भी खुलकर गा ना सकेगा अपना परचम भी खुलकर लहरा ना सकेगा ॥